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Ashu Kapoor

Romance

4  

Ashu Kapoor

Romance

जुगनू से तुम

जुगनू से तुम

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   जीवन के अंधियाले तमस में--

   तुम जुगनू सा मुस्काए,

   पल भर-- प्यार 

   की रोशनी करके

  फिर गहन अंधेरा छाए,

  जलते बुझते

  जुगनुओं सा---

  प्रेम तुम्हारा भी होता है---

  ना आता है--

  ना जाता है--

  बस हल्का सा--

  इशारा देता है,

  जुगनू जैसे --जलता बुझता,

  वैसे ही तुम हो गए हो--इस

  गहन तमस की

  कारा में,

  जुगनू से जलते बुझते हो,

  जुगनु सी क्षीण रोशनी सम्

  प्यार तुम्हारा भी है---जानम्

   इस नीम रोशनी की

   लीक पर ही--

   अब जीवन सारा

   चलना है--

   इन गहन 

   अंधेरों में भी--

   आस का पंछी उड़ता है---

   जीवन की दुर्गम

   राहों में जब---

   प्यार तुम्हारा---

   जुगनू बनकर चमकता है!!

   


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