जुदाई
जुदाई
सोचा ना था कभी इस तरह होंगे जुदा
मिलने को तरस जाएंगे ओ मेरे खुदा
लौट के अब कभी ना आयोगे
इतना चाहे है मुझको पता
फिर भी कभी ना कहूंगा अलविदा
माॅं तू मेरी यादों में जिन्दा रहेगी सदा
तेरे साथ गुजारे पल जब याद आते हैं
दिल को ठेस लगती है
आंखों में आसूं आते हैं
जज़्बात बेकाबू होते हैं
लाख दिल को हम समझाते है
तुम आसपास ही हो कहीं
ऐसा लगता है जब चले ठंडी हवा
माॅं तू मेरी यादों में जिन्दा रहेगी सदा
कैसे दिल को समझाऊं
ये जख्म कभी ना भरेगा
अब इस दर्द के साथ ही जीना पड़ेगा
गुजारे पल कभी लौट कर ना आऐंगे
जब कभी हम खुद को तनहा पाएंगे
तेरी यादें साथ आ बैठेंगी सुन मेरी सदा
माॅं तू मेरी यादों में जिन्दा रहेगी सदा
