STORYMIRROR

Rominder Thethi

Romance

4  

Rominder Thethi

Romance

मुहब्बत

मुहब्बत

1 min
285

एहसास ए मुहब्बत में 

हम जीयेंगे उम्र भर 

तुझे पाना मेरी मंजिल नहीं 

मैं तो खुश हूं बस तुम्हे देख कर 


दो किनारों की तरह हम

चलेंगे साथ रहेंगे जुदा 

गर यही नसीब है

तो नहीं शिकायत तुझसे खुदा 


हर मुहब्बत को मिलती नहीं मंजिल 

हर कश्ती को मिलता नहीं साहिल

बहारों में भी नहीं खिलते कई गुल

दुर ही सही मगर दिल में रहोगे आबाद

जब भी मन बेचैन हो 

और दिल को मिले ना करार

समझ लेना मैंने तुम्हें किया है याद


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance