जिम्मेदारियां
जिम्मेदारियां
फ़र्ज़ के कर्ज तले दब गई
कोई हसरतें प्यारियाॅं
जिंदगी तो खत्म हो चली
ना खत्म हुई जिम्मेदारियां
औरों के लिए जीते रहे
कभी अपने लिए जिए नहीं
राहत की सांस लूं कभी फुर्सत में
किस्मत ने वो पल दिये नहीं
आज करना है ये,कल करना है वो
मैं तो करता रहा तैयारियां
जिंदगी तो खत्म हो चली
ना खत्म हुई जिम्मेदारियां
आज नहीं तो कल
वक्त जरूर बदलेगा
मेरे लिए राहत लिए
कोई सूरज तो निकलेगा
इस आस में जीता रहा
मगर हाथ लगी दुश्वारियां
जिंदगी तो खत्म हो चली
ना खत्म हुई जिम्मेदारियां
मैं हारा नहीं हालातों से
हर कदम पर लड़ता रहा
वक्त देता रहा चुनौतियां
मैं दरकिनार करता रहा
उम्मीदों का दामन थामे
मैं अपनी राह पे बढ़ता रहा
जिंदगी मिली है तो जीना होगा
कैसे सांसों से करूं गद्दारीयां
जिंदगी तो खत्म हो चली
ना खत्म हुई जिम्मेदारियां
