STORYMIRROR

Rominder Thethi

Tragedy

4  

Rominder Thethi

Tragedy

जिम्मेदारियां

जिम्मेदारियां

1 min
11

फ़र्ज़ के कर्ज तले दब गई 
    कोई हसरतें प्यारियाॅं 
जिंदगी तो खत्म हो चली 
ना खत्म हुई जिम्मेदारियां 

औरों के लिए जीते रहे 
कभी अपने लिए जिए नहीं 
राहत की सांस लूं कभी फुर्सत में 
किस्मत ने वो पल दिये नहीं 
आज करना है ये,कल करना है वो 
मैं तो करता रहा तैयारियां 
जिंदगी तो खत्म हो चली 
ना खत्म हुई जिम्मेदारियां 

आज नहीं तो कल
वक्त जरूर बदलेगा 
मेरे लिए राहत लिए 
कोई सूरज तो निकलेगा 
इस आस में जीता रहा
मगर हाथ लगी दुश्वारियां 
जिंदगी तो खत्म हो चली 
ना खत्म हुई जिम्मेदारियां 

मैं हारा नहीं हालातों से 
हर कदम पर लड़ता रहा 
वक्त देता रहा चुनौतियां 
मैं दरकिनार करता रहा 
उम्मीदों का दामन थामे
मैं अपनी राह पे बढ़ता रहा
जिंदगी मिली है तो जीना होगा 
कैसे सांसों से करूं गद्दारीयां
जिंदगी तो खत्म हो चली 
ना खत्म हुई जिम्मेदारियां 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy