STORYMIRROR

Payal Khanna

Abstract Comedy

4  

Payal Khanna

Abstract Comedy

जन्मदिन

जन्मदिन

1 min
461

उमर में हमारी बदलाव हुआ

1 साल का और जुड़ाव हुआ

 आया वह दिन जिस का हमें इंतजार था

वह जन्मदिन का हमारे दिन था


रात से ही लोगों के फोन आने शुरू हुए

देख मेरा मन और मैं खुशी से प्रसन्न हुए

दोस्तों, रिश्तेदारों सब की शुभकामनाएं आई

देख मम्मी, चाची, दादी भी मुस्कुराई


मुझे भी उस दिन लगा मैं खास

 क्योंकि हर जगह हो रहा मेरा ही नाम

अच्छे-अच्छे कपड़े पहनकर सब हुए तैयार

 पार्टी के लिए आने शुरू हुए मेहमान


 खेल खेले, नाचे, गाए मैं और मेरे यार

जमकर उठाएं मजा उस पल का हम सब साथ

केक कटा, खाना खाया फिर तोहफो का हुआ इंतजार

देख तोहफों को सब के पास मेरा मन हुआ खुशी से अपार


 तोहफे देकर सब लौट गए

 फिर तोहफे खोलने हम सब लग गए

किसी ने दी घड़ी तो किसी ने दी कार

पर सबसे ज्यादा जो अच्छा लगा 

वह था सबका हमारे लिए प्यार ।।

वह था सब का हमारे लिए प्यार।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract