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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Fantasy

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Fantasy

जीने का सहारा

जीने का सहारा

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जब कहीं दूर जायें,

तुम मुझे भी संग ले जायें,

एक दूजे का सहारा बन के,

जीवन उजियारा हो जाये।

कोयल की मीठी कुहू की तरह,

प्यार भरे नगमे गायें,

मोर के मधुर टहुंके जैसे,

तराने हम गुनगुनाएं,

एक दूजे का हाथ पकड़कर,

जीने का सहारा बन जायें।

धीरे बहते झरने जैसे,

नदियां में मील जायें,

बहती नदियां पागल बन के,

समंदर में मील जायें,

एक दूजे की बांहों में जाकर,

प्यार में हम खो जायें।

डूबते सूरज की सुनहरी किरनें,

धरती पर छा जायें,

नील गगन में उड़ते पंछी,

जैसे मीठे गीत हम गायें,

एक दूजे के दिल में बसकर

"मुरली" तेरी हो जायें।



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