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Karishma Gupta

Abstract Tragedy

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Karishma Gupta

Abstract Tragedy

जिद न हारने की

जिद न हारने की

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विश्वास है कायम उम्मीद भी है जिंदा,

है बेइंतहा जिद्दी ये मन का परिंदा।

 

पर है घायल, है चाह दूर तलक जाने की,

विफल हो रहा है, है दर्द-ए-निहानी।


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