STORYMIRROR

Rashi Rai

Abstract

3  

Rashi Rai

Abstract

सही तात्पर्य

सही तात्पर्य

1 min
380

ज़िन्दगी खेल नहीं पर

खेल जैसी ही ज़िन्दगी है


गलतियों से सुधार

कठिन काम में धैर्य

हिम्मत हारना नहीं

साहस से मुश्किलों का

सामना करना !


ये समझना बहुत जरूरी

ज़िन्दगी खेल नहीं का तात्पर्य

सिर्फ शब्दों से नहीं,

सही भावना से लगाये


खेल खत्म तो नया खेल शुरू

ज़िन्दगी बस एक ही पारी देती है

और इस पारी में चाहे

जितने खेल करो


पर सीखना सिखाना

ये क्रम खत्म नहीं होता।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract