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Rashi Rai

Abstract

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Rashi Rai

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सही तात्पर्य

सही तात्पर्य

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ज़िन्दगी खेल नहीं पर

खेल जैसी ही ज़िन्दगी है


गलतियों से सुधार

कठिन काम में धैर्य

हिम्मत हारना नहीं

साहस से मुश्किलों का

सामना करना !


ये समझना बहुत जरूरी

ज़िन्दगी खेल नहीं का तात्पर्य

सिर्फ शब्दों से नहीं,

सही भावना से लगाये


खेल खत्म तो नया खेल शुरू

ज़िन्दगी बस एक ही पारी देती है

और इस पारी में चाहे

जितने खेल करो


पर सीखना सिखाना

ये क्रम खत्म नहीं होता।


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