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Kavita Verma

Drama

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Kavita Verma

Drama

जब तुम कहते हो 2

जब तुम कहते हो 2

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कँपकपाते हाथों और जर्जर शरीर से 

किसी तरह गाड़ी सँभालते 

हड़बड़ाये-से उस बुजुर्ग से 

जब तुम कहते हो 

"ओये बुड्ढे".....

तब धड़कने लगता है 

उस वृद्ध का दिल जोर-जोर से ।


धुँधला जाती हैं आँखें 

उभर आता है 

अकेलेपन और असुरक्षा का वह डर 

जो बामुश्किल छुपाया था किसी तरह उसने

जब काँपती आवाज़ में 

थैला पकड़ाते हुए 

पूछा था पत्नी ने -

"चला तो लोगे न स्कूटर" बहुत ट्रैफिक है ...।


उस एक शब्द 'बूढ़े ' से 

टीसने लगता है उपेक्षा का दंश 

जो किसी को दिखाया नहीं जाता 

यहाँ तक कि खुद को भी नहीं ।


अब वह ना जाने कितने दिनों तक 

टीसेगा बेतरह, बेहिसाब

और शायद लंबे समय तक 

अपनी कुछ जरूरतों को स्थगित करके 

खुद को बटोरता रहेगा,

यह कहने के लिए कि

"क्यों नहीं चला पाऊँगा 

इतने सालों से तो चला रहा हूँ।


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