STORYMIRROR

Geeta Upadhyay

Romance

3  

Geeta Upadhyay

Romance

इतना भरोसा

इतना भरोसा

1 min
148


वक्त हो गया है रुखसत इतना 

कि थम गई है हर बातें

इंतजार में थक चुकी है आँखें

कसमें वादों उन पुरानी यादों

को लिए जी रहे हैं


जिंदगी तेरे नाम की कड़वी

दवा पी रहे हैं

वादा किया था आने का उम्र

भर साथ निभाने का

धुँधली सी परछाईं 

जानते है अपनी नहीं है 

बन चुकी है पराई 


हम तो मिट गए ख़ातिर तेरे

वो प्यार नहीं बस था धोखा 

आज कोसते हैं खुद को कि

क्यों किया हमने तुम पर 

इतना भरोसा


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance