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Geeta Upadhyay

Romance

3  

Geeta Upadhyay

Romance

इतना भरोसा

इतना भरोसा

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वक्त हो गया है रुखसत इतना 

कि थम गई है हर बातें

इंतजार में थक चुकी है आँखें

कसमें वादों उन पुरानी यादों

को लिए जी रहे हैं


जिंदगी तेरे नाम की कड़वी

दवा पी रहे हैं

वादा किया था आने का उम्र

भर साथ निभाने का

धुँधली सी परछाईं 

जानते है अपनी नहीं है 

बन चुकी है पराई 


हम तो मिट गए ख़ातिर तेरे

वो प्यार नहीं बस था धोखा 

आज कोसते हैं खुद को कि

क्यों किया हमने तुम पर 

इतना भरोसा


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