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Yashwant Rathore

Abstract Tragedy Inspirational

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Yashwant Rathore

Abstract Tragedy Inspirational

इसमें मेरा क्या है?

इसमें मेरा क्या है?

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इसमें मेरा क्या है?


एक बड़ा सा, घर हो

तुम्हारे नाम, पर हो

इसमें मेरा क्या है?


मैं पूरे दिन झुंझलाता फिरूँ

साथ आपके मुस्कुराता फिरूँ

इसमें मेरा क्या है?


कुछ को मैं दिखाने कि चीज़ हूं

बाकी में बहुत बदतमीज़ हूं

इसमें मेरा क्या है?


मैं पैसो का मशीन रहूं

भले कितना गमगीन रहूं

इसमें मेरा क्या है?


क्या है जो मुझे आराम देता है

कौन इस पर भी ध्यान देता है। 

इसमें मेरा क्या है?


अब अपनी राह बढ़ना चाहता हूं। 

शाम हो गई, ढलना चाहता हूं। 

इसमें मेरा क्या है?



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