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सागर जी

Romance

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सागर जी

Romance

इश्क़ की चिंगारी

इश्क़ की चिंगारी

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अजीब सी कश्मकश है दिल में,

जाने किसकी हसरत है दिल में।

हर तरह से बेचैन कर रहा है,

मुझको तड़पा रहा है, सता रहा है।

ऐसी ही बेकरारी, काश तेरे 

मन में रब जगा दे।

मेरे मन में लगी, इश्क़ की 

चिंगारी, तेरे मन में आग लगा दे।।



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