Read #1 book on Hinduism and enhance your understanding of ancient Indian history.
Read #1 book on Hinduism and enhance your understanding of ancient Indian history.

सागर जी

Romance


4  

सागर जी

Romance


इश्क़ की चिंगारी

इश्क़ की चिंगारी

1 min 180 1 min 180

अजीब सी कश्मकश है दिल में,

जाने किसकी हसरत है दिल में।

हर तरह से बेचैन कर रहा है,

मुझको तड़पा रहा है, सता रहा है।

ऐसी ही बेकरारी, काश तेरे 

मन में रब जगा दे।

मेरे मन में लगी, इश्क़ की 

चिंगारी, तेरे मन में आग लगा दे।।



Rate this content
Log in

More hindi poem from सागर जी

Similar hindi poem from Romance