STORYMIRROR

सागर जी

Romance

3  

सागर जी

Romance

याद आई

याद आई

1 min
258

आज फिर, आई तेरी याद तड़पाने मुझे।

बेवजह, रात भर के लिए जगाने मुझे।।


क्यों तुझे भुलाकर भी, तू याद आती है।

आखिर तू मेरी कौन लगती है ।।


तेरी चाहत, आंखों में बसाए मैं,

जी रहा हूं, दर्द सीने में छिपाए मैं।।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance