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Minal Aggarwal

Tragedy

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Minal Aggarwal

Tragedy

इस दौर ने

इस दौर ने

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इस दौर ने

मेरा प्यार मुझसे छीन लिया

मेरा बचपन मेरे मां बाप के साथ

जाता रहा


मेरे जीवन की एक छोटी सी सुंदर

बगिया उजड़ गई

मेरा कुछ कुछ हर किसी पर से

विश्वास उठ गया


मैं एकाएक वयस्क हो गई

किसी का एक मासूम बच्चा न

रही


मेरे प्यार का संसार लुट गया

मेरे चेहरे की मासूमियत

आंखों से छलकता प्यार

होठों पर फैली मुस्कुराहटों का


जाल

सब तार तार हुआ

समय चल रहा निरंतर

मैं भी चल रही

अजनबी सी

अंजान दिशाओं में ले


जाती राहों पर

लेकिन मेरा यकीन मानो

मैं सच कह रही

मैं यह सब बहुत परेशान

होकर


दुखी मन से कह रही कि

मेरा दिल टूट गया

मैं जहां खड़ी थी

वहीं की वहीं खड़ी रह गई

किसी के लिए

जीवन में


कुछ रुकता हो या नहीं

रुकता हो

मेरा तो सब कुछ बर्बाद हो गया

मेरा समय तो जब मेरे अपनों ने


मेरा हाथ छोड़ा

मेरा साथ हमेशा के लिए छोड़ा

वहीं का वहीं

रुक गया

हमेशा के लिए ठहर गया।


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