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Saleha Memon

Romance Tragedy Fantasy

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Saleha Memon

Romance Tragedy Fantasy

इंतजार

इंतजार

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202

उस शाम को बैठे है हम रात के इंतजार में

जो शाम मिला दे हमें हमारे उस यार से

बिछड़े तो नहीं है कभी हम शायद

वो महरूफ है शायद अपने गुलिस्तान में

इंतजार तो हर कोई करता है ना किसी के प्यार में

बस यही कर रहे हैं हम उनके प्यार में 

जैसे रात भी तो करती हैं चांद के इस प्यार में

हम भी तो बैठे हैं बस ऊनी के प्यार ए इंतजार में।



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