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Praveen Kumar Saini "Shiv"

Tragedy

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Praveen Kumar Saini "Shiv"

Tragedy

इंसानियत खत्म

इंसानियत खत्म

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अपनापन रह गया व्हाट्सएप स्टेटस तक

गली में लुटती देखी इज्जत लोगों ने,

बना लिया वीडियो आया ना कोई आगे कि अपनेपन की वो बात खो गई,

गली मोहल्ले या गांव की लड़की, माँ बहन बेटी हुवा करती थी

आज सगी बेटी ही हवश बुझाने का सामान हो गई,

लोगो ने शहरो से नीम काट दिये फिर भी

गली - मोहल्लों में कड़वाहट बढ़ गई,

लोगो की जुबान से मिठास गायब हुई

चुगली कर के लोगो के शरीर में चीनी बढ़ गई,

पानी गिरता था नीचे तो लोग झरना मान उसे खुबसूरत बताते थे

आज इंसान ही गिर रहा नीचे, खुबसूरत रहा कुछ भी नहीं कि इंसानियत ही गिर गई,

माँ बाप जन्म दाता पालन हार होते थे,

माँ बाप की आज्ञा ही वेद पुराण होते थे

आज माँ बाप की बातें,

अब झूठा ज्ञान हो गई

मां बाप की जगह घरो से निकल कर वर्धा श्रम में हो गई,

बीवी आती थी डोली में जाती थी अर्थी में ये कहावत ही रह गई,

एक रात साथ बिता कर चंपत हो जाना

ले सब कुछ साथ ये बात आम हो गई,

नारी का सिंगार लाज होती थी,

शर्म होती थी,

आज की नारी को देख कर नंगा

शर्म लाज भी शर्मिंदा हो गई,

ढका तन पहले नारी का गहना होता था

आज नारी पहने हुए लाखों के गहने

पर खास बात है कि वो नंगी हो गई,

बच्चों को शिक्षा देना गुरु का धर्म होता था

आज शिक्षा, शिक्षा ना रही बिजनेस बन गई,

अच्छी बाते कहते सुनते अब कान पकाने लगे,

चुगली चकारि आज कल महान हो गई,

कहे "शिव" देख भगवान तेरी बनाई दुनिया

अब इंसान ना रहे इनकी फितरत अब शैतान हो गई ।।



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