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Rashmi Trivedi

Tragedy

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Rashmi Trivedi

Tragedy

हर रोज़ हर रात बिना भूले...

हर रोज़ हर रात बिना भूले...

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हर रोज़ हर रात बिना भूले

दिनभर की थकान के बाद

सोने से पहले

उतार लेती हूँ एक बार

चेहरे से अपने वो दिखावटी मेकअप


जो चढ़ा लेती हूँ

हर दिन हर सुबह

अलग अलग किरदारों के रूप में

पत्नी, माँ, बहु-बेटी, भाभी

और नजाने कितने ऐसे

और भी अनेक मुखोटे


देख लेती हूँ फिर एक बार खुद को

निहार लेती हूँ आईने में अपने आप को

बिना किसी मुखोटे के

ताकि अपनी ही यादों में

याद कर सकूँ खुद को

पहचान सकूँ अपना खुद का

असली चेहरा, अपना असली वजूद........


हररोज़ हर रात बिना भूले........



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