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Rashmi Trivedi

Abstract

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Rashmi Trivedi

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अधूरी कहानी का क़िरदार हूँ मैं

अधूरी कहानी का क़िरदार हूँ मैं

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हर पन्ना प्यार से लिखा गया था उस क़िताब का

लेकिन कहानी अधूरी रह गई थी

उस अधूरी कहानी का

एक किरदार हूँ मैं......


मेरे वजूद को कोई पढ़ ना सका

ना ही कोई उसे फिर लिख सका

ऐसी मुश्किल सी अधूरी कहानी का

एक किरदार हूँ मैं......


हसरतों का दिया जला भी था कभी

तूफानों ने बुझा दिया जिसे,

उस जलती हुई अधूरी कहानी का

एक किरदार हूँ मैं......


अब कोई मंज़िल अगर पा भी लूँ

खो न जाएं वो मक़ाम इस बात से डरूं

ऐसी कांपती हुई अधूरी कहानी का

एक किरदार हूँ मैं.....



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