Dr.Rashmi Khare"neer"
Drama
जहां तक जहां ले जाए
चले जाए वहां तक
मंझधार में यूँ मुझे छोड़ ना जाना
साथ जीने की तमन्ना लिए
एक भरोसा है जो लिए जाये वहाँ तक
साथी छोड़ जाए साथ तो
जीना भी दूभर हो जाए
चले चलो साथ मेरे
ये जहां-जहां भी ले जाए हमें।
ना कोई कहीं
मजबुर
जिंदगी ना मिल...
हर रूप में ना...
वैधव्य
नारी हूं गर्व...
विरह वेदना
होली की प्रीत
आज मेरा देश
अनेकता में एक...
ए वक्त आ के बता ना मुझे तुम्हे रोकने का तरीका ताकि मैं भी थोड़ा आराम कर सकूँ...! ए वक्त आ के बता ना मुझे तुम्हे रोकने का तरीका ताकि मैं भी थोड़ा आराम कर सकूँ....
है महत्व जग में अति भारी, सब कोई जाने माने है महत्व जग में अति भारी, सब कोई जाने माने
पद वैभव भी काम नहीं दें, नहीं कोई संताप हरे पद वैभव भी काम नहीं दें, नहीं कोई संताप हरे
समाज के सवालों का क्या जवाब दे पाऊंगी दामोदर मै राधा ना बन पाऊंगी । समाज के सवालों का क्या जवाब दे पाऊंगी दामोदर मै राधा ना बन पाऊंगी ।
शरीर की चोट तो मरहम से दवाई से ठीक हो जाती है पर मन की चोट आत्मा की चोट शरीर की चोट तो मरहम से दवाई से ठीक हो जाती है पर मन की चोट आत्मा की ...
तुमसे रक्षाबंधन पावन, तेरी राखी बंधी मेरी कलाई वचन निभाएगा रक्षा का, तुमसे रक्षाबंधन पावन, तेरी राखी बंधी मेरी कलाई वचन निभाएगा रक्षा का,
मायके की अनुभूति देता भाई का घर परिवार मायके की अनुभूति देता भाई का घर परिवार
पहले हिस्से में सच लिखा है, दूसरे हिस्से में जो हो सकता था, सिर्फ वो लिखा है। पहले हिस्से में सच लिखा है, दूसरे हिस्से में जो हो सकता था, सिर्फ वो लिख...
बहुत जिया इसके और उसके लिये अब अपने लिये तो मरने दो...! बहुत जिया इसके और उसके लिये अब अपने लिये तो मरने दो...!
नेकनीयत के बिना ना, जिन्दगी में शान होती। नेकनीयत के बिना ना, जिन्दगी में शान होती।
भाई हो भरत जैसा जो भाई के लिए मिली राज्य छोड़ दे भाई हो भरत जैसा जो भाई के लिए मिली राज्य छोड़ दे
न रोटी न पानी किसी को नैतिकता कहां तेरी ये तो बता न रोटी न पानी किसी को नैतिकता कहां तेरी ये तो बता
हर मुस्कान में खुशियां ही भरे, हर खुशी में अपनेपन का एहसास भरे। हर मुस्कान में खुशियां ही भरे, हर खुशी में अपनेपन का एहसास भरे।
ये दर्द -ऐ-दास्तां किसको सुनाऊँ जिसको देखो मुझसे ज्यादा बीमार बैठे है। ये दर्द -ऐ-दास्तां किसको सुनाऊँ जिसको देखो मुझसे ज्यादा बीमार बैठे है।
अच्छा-बुरा मैं क्या जानूं बेरोजगार की मदद को निकल पड़ा।। अच्छा-बुरा मैं क्या जानूं बेरोजगार की मदद को निकल पड़ा।।
मेरी रूह में तू बस जा मेरी ही साँस बनके... मेरी रूह में तू बस जा मेरी ही साँस बनके...
रोका है जिसने उड़ान से काश वो हर बेड़ी टूट जाए। रोका है जिसने उड़ान से काश वो हर बेड़ी टूट जाए।
घड़ी वही 'बिल्ली' है जिससे मैं भी आंखें बंद कर लेता हूँ घड़ी वही 'बिल्ली' है जिससे मैं भी आंखें बंद कर लेता हूँ
भावनाएं उमड़ती है दर्द भी छलकता है अपनी पनाहों में ले भावनाओं और दर्द को विराम देना भावनाएं उमड़ती है दर्द भी छलकता है अपनी पनाहों में ले भावनाओं और दर्द को वि...
अच्छी सोच कायम करते हैं जिससे आगे कोई नहीं सोच सकता। अच्छी सोच कायम करते हैं जिससे आगे कोई नहीं सोच सकता।