Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra
Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra

आशका शुकल "टीनी"

Romance


5.0  

आशका शुकल "टीनी"

Romance


हमसफर

हमसफर

1 min 278 1 min 278

अगर तू मेरा हमसफर होता, 

तो जिंदगी ऐसी ना होती।

मैं यूं शमा की तरह जलती ना होती।


यह दुनिया खूबसूरत नहीं लगती अब,

अब अंधेरे से चाहत सी हो गई है।


तेरा जाना अब ख़लने लगा है,

यह दिल तिल तिल कर जलने लगा है।


अगर तू मेरा हमसफर होता,

तो जिंदगी ऐसी ना होती।

मैं यूं शमा की तरह जलती ना होती।


तुम चले गए तुम्हारी रूह भी चली गई

यह श्रृंगार अब किसके लिए करूँ?


यह रंग अब आँखों में चुभने लगे है,

जिंदगी बेरंग सी लगने लगी है।


अगर तू मेरा हमसफर होता,

तो जिंदगी ऐसी ना होती।

मैं यूं शमा की तरह जलती ना होती।


कोई चुरा ना ले तुमको मुझसे इसलिए,

तेरी तस्वीर इन आँखों में समाए रखी है।


पगलाई सी रहती हूं तेरी यादों के अंधियारे में।

सिमट जाती हूं तेरी बाहों के गलियारे में।


अगर तू मेरा हमसफर होता,

तो जिंदगी ऐसी ना होती।

मैं यू शमा की तरह जलती ना होती।


पगली कहकर लोग हंसते हैं मुझ पर,

कभी सोचा है क्या गुजरती है मुझ पर?


इंतजार में तेरे लम्हे कटते नहीं।

लोग कहते हैं आजकल हम हंसते नहीं।


अगर तू मेरा हमसफर होता,

तो जिंदगी ऐसी ना होती।

मैं यूँ शमा की तरह जलती ना होती ।



Rate this content
Log in

More hindi poem from आशका शुकल "टीनी"

Similar hindi poem from Romance