हमारी प्रकृति और हमारा परिवेश
हमारी प्रकृति और हमारा परिवेश
साथ में मिलकर हम सब आओ
कुछ अच्छा पहचानें,
आओ अपने देश को जानें।।
गंगा, यमुना नदियाँ हैं,
जो पवित्र मानी जाती हैं।।
हमारे देश में देखो बच्चों,
नदियाँ भी पूजी जाती हैं।।
चलो आज इनको पहचानें,
आओ अपने देश को जाने।।
पर्वत भी तुम देखो कितने,
महान खड़े यहाँ पर हैं।।
छोटा बड़ा नहीं है कोई,
सब धर्म बड़े यहाँ पर हैं।।
चलो साथ हर धर्म को जानें,
आओ अपने देश को जानें।।
देश का सेवा धर्म हमारा,
इससे बड़ा है कोई नहीं ।।
सच्चा इंसान बनने से अच्छा,
सेवा धर्म है कोई नहीं।।
हम अपने कर्तव्य को जानें,
आओ अपने देश को जानें।।
साथ में मिलकर हम सब आओ
कुछ अच्छा पहचानें,
आओ अपने देश को जानें।।
