STORYMIRROR

Dr.Purnima Rai

Children Stories Inspirational

4  

Dr.Purnima Rai

Children Stories Inspirational

मां ,मुझे तंदुरुस्त बनना है

मां ,मुझे तंदुरुस्त बनना है

1 min
982


मां, मुझे तंदुरुस्त बनना है

साइकिल की सवारी करना है

भागदौड़ भरी है जिंदगी

मुझे पढ़ना और लिखना है।।

सर्दी के इस सीज़न में 

रफ्तार तेज है जीवन में 

वक्त व्यर्थ क्यों करूं मैं अब

सच सपनों को करना है।।

पेट्रोल डीजल महंगा है बहुत

धुंए से सांसे हो रही हैं दुर्लभ

आय से अधिक खर्च होता है

साइकिल ही है सबसे सुलभ।।

बुजुर्गों की बात को मानूंगा मैं 

साइकिल को ही अपनाऊंगा मैं

दिखावे की दुनिया की परवाह नहीं 

शान से साइकिल घुमाऊंगा मैं।।


Rate this content
Log in