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Aditi Rai

Abstract Others

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Aditi Rai

Abstract Others

जिन्दगी

जिन्दगी

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जिन्दगी मुश्किल लगती है जब,,

फार्च्यूनर से चलने वाले को रिक्शा वाले से होड़ करते देखती हूँ।।


जिन्दगी मुश्किल लगती है जब,,

1 लाख कमाने वाले को दिहाड़ी वाले मजदूर से रिश्वत लेते देखती हूँ।।


जिन्दगी मुश्किल लगती है जब,,

वोटों पर काबिल बनने वाले को नोटों पर मरते देखती हूँ।।


जिन्दगी मुश्किल लगती है जब,,

मूल अधिकार कहलाने वाली शिक्षा को नोटों पर बिकते देखती हूँ।।


जिन्दगी मुश्किल लगती है जब,,

धर्म निरपेक्ष कहे जाने वाले देश में हिन्दू मुस्लिम को लड़ते देखती हूँ।।


जिन्दगी मुश्किल लगती है जब,,

देश के संविधान को गाली देते देखती हूँ।।


जिन्दगी मुश्किल लगती है जब,,

देवी कही जाने वाली बेटी की इज्ज़त तार तार होते देखती हूँ।।


जिन्दगी मुश्किल लगती है जब,,

मासूम लड़कियों पर एसिड फेंकते देखती हूँ।।


जिन्दगी मुश्किल लगती है जब,,

इंसानियत को मरते देखती हूँ।।।


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