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sunayna mishra

Children

4  

sunayna mishra

Children

हमारी जिंदगी

हमारी जिंदगी

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जब से ऑनलाइन क्लास का,

रूल बनकर आया।

सच कहती हूँ,

मेरा तो भई सिर चकराया।


कोई बच्चा आराम से बैठ न पाया,

स्कूल का जीवन

हमको बहुत याद आया।

पर एक बात तो है भाया !

ऑनलाइन क्लास में टीचर,

हमको मार न पाया।


जो समझ न आया,

बार बार समझाया।

घर मे बैठ ज्ञान को पाया,

कड़कती धूप से हमे बचाया।


कभी कभी तो बहुत मज़ा आया,

परिवार के साथ भी,

खूब समय बिताया।

ऐसा ये कोरोना आया,

इसने सब कुछ बंद कराया।


जल्दी से कोरोना जाओ,

हमारी ज़िंदगी हमें लौटाओ।

इस प्यारी-न्यारी दुनिया को

फिर से अब स्वस्थ बनाओ।


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