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मिली साहा

Children Stories

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मिली साहा

Children Stories

ऐसे होते हैं बच्चे

ऐसे होते हैं बच्चे

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करते हैं खूब शरारतें पर मन के होते सच्चे,

मासूम चेहरा प्यारी मुस्कान ऐसे होते बच्चे,


अटपटी बातें हैं इनकी अटपटे होते सवाल,

जो ना मानो इनकी बातें, कर देते हैं बवाल,


बच्चे ना जाने, अमीर गरीब, ना धर्म, जाति,

होंठों पे होती मुस्कान दिल में प्रेम की पाती,


दो उंगली जोड़ कर हो जाती इनकी दोस्ती,

माथे पर कोई सिकन नहीं बस रहती मस्ती,


दोस्तों संग खेलने को, अजब बनाते बहाने,

बातें जलेबी सी, ऐसे अंदाज के क्या कहने,


दुनिया की उलझन से दूर, है इनकी दुनिया,

कल्पना में ही बना लेते हैं ये खूबसूरत जहाँ,


नन्ही सी होते जान ये बातें करते बड़ी बड़ी,

मस्ती का ढूँढे बहाना ये जाने न समय घड़ी,


सबको मोहित करे, इनकी मासूम मुस्कान,

कब करेंगे क्या शैतानी, कोई ना पाए जान,


हँसते -हँसते अचानक, पल में ही रो देते हैं,

मासूमियत से दिल की हर बात कह देते हैं,


गुस्सा केवल वाणी में, मन होता है निश्चल,

पल भी यहाँ पल में वहाँ, होते इतने चंचल,


अपनी शरारतें खुद बताते, इतने होते सच्चे,

सपनों की दुनिया में जीते ऐसे होते हैं बच्चे।



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