जीवन रूपी यात्रा
जीवन रूपी यात्रा
जीवन रूपी यात्रा सफल करने को,
मन का सारा अंधकार मिटा दो।
मन को रोशनी से भरकर,
विकारों को तुम जला दो।
मन के सारे बैर मिटाकर,
भाईचारा मन में जगा दो।
प्यार का दीप जलाकर,
नफरतों को तुम भुला दो।
धर्म का भेद भुलाकर,
एक दूजे का साथ निभा दो।
धैर्य को अपने दिल में धरकर,
संतोष को तुम अपनाओ।
लालच को दूर भगाकर ,
मन को क़ाबू में लाओ।
अहंकार से दूर रहकर,
सादगी को तुम अपनाओ।
मोह माया के जाल में फंसकर,
जीवन अपना न व्यर्थ गंवाओ।
मन पे अपने जीत पाकर,
जीवन को यूं सफल बनाओ।
