Reena Ughreja
Romance
यदि चलो उस राह पर,
हमसे तुम मिलना,
कुछ कदम क्यों न चलो
पास हमसे गुज़रना ।
कह दो उसे
एक था इत्तेफाक,
आगे निकल कर लगा
कहनी थी इक ज़रूरी बात।
दिल में ख्वाइश है
हम मिलें और एक बार
वरना सवाल है खुदा से
क्यों मिलवाया हमें एक ही बार ।
जहाँ उड़े धुँआ
मेरे अंदर भी ...
साथी हाथ बढ़ान...
मैं बनूँ अनोख...
व्यायाम
आज़ाद तितली
बदलता ज़माना
मेरी सहेली - ...
गुल्लक
धरती बनी कूड़े...
मैंने तुझसे प्यार किया था मैंने तुझको चाहा था।। मैंने तुझसे प्यार किया था मैंने तुझको चाहा था।।
चलो पहनू मैं खूबसूरत सा जोड़ा,तुम पहनो शेरवानी। चलो पहनू मैं खूबसूरत सा जोड़ा,तुम पहनो शेरवानी।
नित अश्रुधार न पाती,कैसे बनता अंतस फिर निर्मल, क्या मिल पाता मुझे,मिलन का यह सुख संजीवन नित अश्रुधार न पाती,कैसे बनता अंतस फिर निर्मल, क्या मिल पाता मुझे,मिलन का यह ...
एक मासूम सा चेहरा मेरे दिल को भाने लगा है नशीली आंखों का इशारा रातों को जगाने लगा है एक मासूम सा चेहरा मेरे दिल को भाने लगा है नशीली आंखों का इशारा रातों को जगा...
तुम्हारा मेरे पास आकर “एक कप चाय पिलाओगी ?” कहने की संभावना… तुम्हारा मेरे पास आकर “एक कप चाय पिलाओगी ?” कहने की संभावना…
मौसम जो करवट बदलने को बेताब है तेरी तारीफ़ के पन्नों से यूं भरी किताब है। मौसम जो करवट बदलने को बेताब है तेरी तारीफ़ के पन्नों से यूं भरी किताब है।
तुम सर्वनाम बन कर आना मैं संज्ञा बन कर रह लूंगा। तुम सर्वनाम बन कर आना मैं संज्ञा बन कर रह लूंगा।
द से दुख है तो द से दुआ है, द से दर्द है तो द से दवाई है. द से दुख है तो द से दुआ है, द से दर्द है तो द से दवाई है.
तुम आओ तो बागानों वाली ताज़ी पीसी हुई कॉफ़ी बनाऊं। तुम आओ तो बागानों वाली ताज़ी पीसी हुई कॉफ़ी बनाऊं।
आती है तेरी याद तब, आंखों से आंसु बहते हैं , ईश्क की अग्नि में हम, हर पल ज़लते रहते हैं। आती है तेरी याद तब, आंखों से आंसु बहते हैं , ईश्क की अग्नि में हम, हर पल ज़लत...
चाहती तो मैं ये बेशक नहीं के मेरी अमावस की रात का चांद बनो तुम। चाहती तो मैं ये बेशक नहीं के मेरी अमावस की रात का चांद बनो तुम।
मैं तो आज भी वही हूँ जो कल था। मैं तो आज भी वही हूँ जो कल था।
मैं समझ नहीं पाती हूं क्या दिखता है तुम्हें मुझ में। मैं समझ नहीं पाती हूं क्या दिखता है तुम्हें मुझ में।
दोनों बिछड़े न बिछड़कर यूँ ही इन आँखों में क्यूँ रात करें। दोनों बिछड़े न बिछड़कर यूँ ही इन आँखों में क्यूँ रात करें।
देर तक ना मिले तो भी सही, क्षण भर को मैं जन्मो सार लिखूँ देर तक ना मिले तो भी सही, क्षण भर को मैं जन्मो सार लिखूँ
मुझे अब और ना रूलाया जाये तों अच्छा रहेगा। मुझे अब और ना रूलाया जाये तों अच्छा रहेगा।
जो अपवित्र हो जाती है/ या जिसको बचाना हो अपवित्रता से. जो अपवित्र हो जाती है/ या जिसको बचाना हो अपवित्रता से.
पुराने नीम के साये में बचपनें के दिन जो साथ खेलकर गुज़रे थे। पुराने नीम के साये में बचपनें के दिन जो साथ खेलकर गुज़रे थे।
है जवाँ दिलों की, यही कहानी, थोड़ी सी आग और थोड़ा पानी। है जवाँ दिलों की, यही कहानी, थोड़ी सी आग और थोड़ा पानी।
जब माना मैंने तुमको ही, तो क्यों अब जाए ये हाथ खाली! जब माना मैंने तुमको ही, तो क्यों अब जाए ये हाथ खाली!