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Siddhant Prashar

Romance

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Siddhant Prashar

Romance

इजाज़त

इजाज़त

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जानता हूं मुझसे प्यार करना आसान नहीं

तुम्हें मेरे प्यार में पड़ने की ज़रूरत नहीं,

बस तुमसे इश्क करने की इजाज़त दे दो मुझको,

बस तुमसे इश्क करने की इजाज़त दे दो मुझको।

मुझसे दिल तुम्हें लगाने की ज़रूरत नहीं

वो कहते है तेरे इश्क में, मेरी दिवानो सी हालत हो गयी है।

सच कहूँ तो तेरी यादों में खोए रहने की,

मुझको आदत सी हो गयी है।


आज भी हर शाम वही गुजरती है मेरी,

जहां मिला करते थे हम।

शाम वहीं तन्हा बीताने की आदत हो गयी है

एक बात कहूँ, बड़ी ही सिद्दत से चाहा है मैंने तुमको।


तेरी इबादत करने इजाज़त दे दो,

दुआ में नाम मेरा याद रखने की तुमको ज़रूरत नहीं,

बस तुमसे इश्क करने की इजाज़त दे दो मुझको,

मुझसे दिल तुम्हें लगाने की ज़रूरत नहीं।


मुझसे दिल तुम्हें लगाने की ज़रूरत नहीं


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