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Anju Gupta

Tragedy

4.5  

Anju Gupta

Tragedy

हम आज़ादी मना रहे हैं

हम आज़ादी मना रहे हैं

1 min
420


मात्र चंद रुपये चाहिए

जीवन – यापन के हेतु !

पर अपनी सेलरी वो,

हजारों में बढ़ा रहे हैं

आज़ाद भारत के नेता

आज़ादी मना रहे हैं।


अहिल्या या द्रौपदी हो,

की गयीं सभी अपमानित !

अमानव बन देश के बेटे,

वही परम्परा निभा रहे हैं

आज़ाद भारत के हम वीर

आज़ादी मना रहे हैं।


भ्रष्टाचार का जाल है फैला,

जात – पात पे हम हैं लड़ते !

होता देख कर अन्याय,

लाचारी से सहे जा रहे हैं

आज़ाद भारत के हम वीर

आज़ादी मना रहे हैं।


कुर्बानी दे वीरों ने

दी थी हमें आज़ादी !

अधिकार चाहिए हमें सारे

कर्तव्यों से इति श्री दिखा रहे हैं

आज़ाद भारत के हम वीर

आज़ादी मना रहे हैं।


* 28 रुपये 65 पैसे (सरकारी आंकड़ा )


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