STORYMIRROR

Srishti Gangwar

Tragedy Inspirational

4  

Srishti Gangwar

Tragedy Inspirational

गुमनाम रिश्ता ❣️

गुमनाम रिश्ता ❣️

1 min
253

कुछ रिश्ते सिर्फ पुकार बनकर रह जाते हैं

दिल के तले दवे एहसास बनकर रह जाते हैं


बंद कोठरी में आती हुई एक किरण बनकर रह जाते हैं

बोलना बहुत कुछ होता है मगर चुप होकर रह जाते हैं


ज़िंदगी में मकसद बहुत, मगर मुसाफिर बनकर रह जाते हैं

आ तो गए किनारे मगर डूब कर रह जाते हैं


कुछ रिश्ते ज़िंदगी में गुमनाम बनकर रह जाते हैं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy