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Gurudeen Verma

Tragedy Others

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Gurudeen Verma

Tragedy Others

क्यों नारी लूट रही है

क्यों नारी लूट रही है

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(शेर)- कब खत्म होगी दरिंदगी, इस देश में नारी के साथ।

कब होंगे बन्द जुल्मो- अन्याय, इस देश में नारी के साथ।।

   नोचा जा रहा है सरेआम बदन, नारी का हिंदुस्तान में।

 देखो कितनी हैवानियत हुई है, मणिपुर में नारी के साथ।।

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हे राम तेरे देश में, क्यों नारी लूट रही है।

मानवता क्यों शर्मसार, नीलाम हो रही है।।

हे राम तेरे देश में----------------------।।


नारी के तन को भेड़िये, सरेआम नोच रहे हैं।

खामोश होकर मर्द, वहशीपन को देख रहे हैं।।

मर्दों की कायरता पर, यहाँ नारी रो रही है।

हे राम तेरे देश में ------------------------।।


देवी के रूप में जहाँ पर, नारी को पूजा जाता है।

नारी पे अत्याचार वहाँ, क्यों ऐसे किया जाता है।।

नारी के प्रति दया- शर्म, क्यों खत्म हो रही है।।

हे राम तेरे देश में --------------------------।।


प्यार और दहेज में, जलाई जाती है नारी।

रिवाजों और प्रथाओं में, कुर्बान होती है नारी।।

नारी की हत्या- बिक्री की, साजिशें हो रही है।

हे राम तेरे देश में -------------------------।।


बढ़ती ही जा रही है, घटनाएं ऐसी देश में।

कितने और बनेंगे, मणिपुर अपने देश में।।

सिर्फ राजनीति नारी के, जुल्मों पे हो रही है।

हे राम तेरे देश में --------------------------।।



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