STORYMIRROR

Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Tragedy

4  

Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Tragedy

" नया भारत "

" नया भारत "

1 min
384


सुस्त रफ्तार से

गाड़ी चल रही है

बैठे -बैठे हमलोगों

को नींद आ रही है


जहाँ उतरना है

उतर नहीं पाते हैं

जहाँ नहीं जाना है

वहाँ वे ले जाते हैं


मंज़िलें पीछे

छूट जातीं हैं

सड़कें वीरान

हो जातीं हैं


द्रुत गति ट्रेनों को

चलाया जाता है

पर हादसा को न कभी

टाला जाता है


हमने तो सुस्त रफ्तार

में जीना सीख लिया

हर मुसीबतों को

झेलना सीख लिया


चुनावी प्रचार फिर

किया जाएगा

“ मुझे वोट देना ”

बुद्धू बनाया जाएगा


हम कभी अपनी एक

आँखें खोलेंगे

उन्हें कनखियों से

देखकर फिर सो जाएंगे


सुस्त गाड़ी में ही

इनके प्रचारक आते हैं

और सबको “नये भारत”

का सपना दिखाते हैं !!



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy