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Nand Kumar

Abstract

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Nand Kumar

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गुलाब

गुलाब

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गुलाब फूलो मे सबसे सुन्दर,

और सबका प्यारा है।

सुन्दरता की मिशाल विखेरता, 

सुगंध महके जग सारा है।।


दुष्टो के बीच रहकर भी हमे वह,

हंसना उपकार करना सिखाता है।

स्वयं भी कांटो से घिरकर सदा ही,

खिलता लहराता मुस्कराता है।।


चाहे अर्थी पर चाहे देवालय मे, 

चाहे पैरो तले कुचला गया हो।

जीवन की हर स्थिति मे वह हमे,

नित मुस्कराना ही सिखाता है।।


एक न एक दिन धूल मे है मिलना, 

चराचर जगत के सुख साज सारे। 

व्यर्थ मत तू रो सभी का हित करो,

सद्कर्म ही साथी जगत मे है हमारे।।


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