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Jina Sarma

Tragedy

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Jina Sarma

Tragedy

ग़ज़ल

ग़ज़ल

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आज पंकज उदास जी ने

हमें ऐसे उदास किया कि

नाराज़गी भी नहीं जता सकती...

वो जो रहे नहीं!

उन्होंने ग़ज़ल को एक किरदार दिया,

मेरे बचपन पर छाप छोड़ा,

संगीत से दिलों को जोड़

आखिर जीवन से विदा लिया

उनकी गायकी याद आएगी सदा ।


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