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Jina Sarma

Abstract

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Jina Sarma

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पहलगाम

पहलगाम

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पहलगाम में नरसंहार 
इंसानियत पर है प्रश्न चिन्ह,
पर्यटको पर आक्रमण 
किस ओर है इशारा?
क्या मौत का तांडव 
है इतना ज़रूरी?
हंसते खेलते परिवारों का 
झटके में सब कुछ खत्म हो गया,
यह दहशत क्या कोई भूल पाएगा?
अमन और शांति हम सभी 
चाहते थे पर जो बार-बार 
आतंकवाद का छाया 
मानव समाज पर हो रहा
हर किसी का दिल है रो रहा...


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