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Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI डॉक्टर सगीर अहमद सिद्दीकी

Romance

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Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI डॉक्टर सगीर अहमद सिद्दीकी

Romance

ग़ज़ल सगीर

ग़ज़ल सगीर

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दिलों को तोड़ जाए वह कभी आवाज मत होना।

जिसे कोई ना समझे तुम कभी वो राज मत होना।


तुम्हारे दिल में जो आए ज़ुबां से उसको कह देना।

कभी तुम मन ही मन मुझसे सनम नाराज मत होना।


मोहब्बत अपना पाकीजा इसे बदनाम ना करना।

जुबां से कह ना पाए वह कभी अल्फाज मत होना।



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