Poonam Garg
Children
घंटी की आवाज को सुनकर विद्यालय दौड़े आए दीपक
घंटी की आवाज को सुनकर कक्षा में जाय अध्यापक
घंटी की आवाज को सुनकर खाना खाने जाएं बालक
छुट्टी की घंटी को सुनकर बालक नाचे ठुमक ठुमक।
जन्मदिन
बच्चे
आजादी
अंतरिक्ष
प्रेम
भाई की महिमा
होली
पालतू बिल्ली
हॉस्टल के दिन
परिवार
अभी आसमान की उंचाई से बहुत दूर हूँ बहुत जल्द आसमान छूना चाहती हूँ। अभी आसमान की उंचाई से बहुत दूर हूँ बहुत जल्द आसमान छूना चाहती हूँ।
मिले ज्ञान त्योहारों से और घूंजते रहे वीणा के सुर। मिले ज्ञान त्योहारों से और घूंजते रहे वीणा के सुर।
नज़रों से मिलाओ नज़रों को, सिर झुका-झुका क्यों चलते हो! नज़रों से मिलाओ नज़रों को, सिर झुका-झुका क्यों चलते हो!
दिल और दिमाग का रखो ख्याल चलने की तो बात ही क्या! दिल और दिमाग का रखो ख्याल चलने की तो बात ही क्या!
एक दूसरे की पीठ को थपथपाया देखो बच्चों को छुड़ाया एक दूसरे की पीठ को थपथपाया देखो बच्चों को छुड़ाया
सोन चिरैया मदमस्त सी छम छम करके नाच दिखाती! सोन चिरैया मदमस्त सी छम छम करके नाच दिखाती!
पीते धूप-हवा कभी बारिश भरा है इनमें जोश-उमंग पीते धूप-हवा कभी बारिश भरा है इनमें जोश-उमंग
कक्षा में एक बार गुरु जी देर से आए। कुछ छात्रों ने खुराफात के प्लान बनाए।। कक्षा में एक बार गुरु जी देर से आए। कुछ छात्रों ने खुराफात के प्लान बनाए।।
संस्कृति संस्कार का शौर्य सूर्य चाँद कलाम कमाल।। संस्कृति संस्कार का शौर्य सूर्य चाँद कलाम कमाल।।
स्टोरी मिरर से इन किताबों, कलम ने जोड़ दिया। स्टोरी मिरर से इन किताबों, कलम ने जोड़ दिया।
ऐ चाँद बताओ कभी कभी, क्यूँ देर से आते हो? देर से आकर भी क्यूँ , बादल में छिप जाते हो ? ऐ चाँद बताओ कभी कभी, क्यूँ देर से आते हो? देर से आकर भी क्यूँ , बादल में छिप ...
कागज की कश्ती, बरसात में बहता था, शरारत की किस्तों में, बचपन को जीता था, कागज की कश्ती, बरसात में बहता था, शरारत की किस्तों में, बचपन को जीता था...
चलो जरा अब तुम भी बता दो मुझे कि क्या तुम्हारा भी बचपन तुमसे दूर था। चलो जरा अब तुम भी बता दो मुझे कि क्या तुम्हारा भी बचपन तुमसे दूर था।
भाव भवना हृदय भी तेरा मैं तो मात्र त्याग तपस्या की लौ बाती।। भाव भवना हृदय भी तेरा मैं तो मात्र त्याग तपस्या की लौ बाती।।
स्कूल चलो, स्कूल चलो, खुलने वाले हैं, स्कूल चलो। स्कूल चलो, स्कूल चलो, खुलने वाले हैं, स्कूल चलो।
भारत का भविष्य हो तुम सब, जिंदगी को एक नया मोड़ दो। भारत का भविष्य हो तुम सब, जिंदगी को एक नया मोड़ दो।
देखो सखी बसंत ऋतु आई, फूलों की बगिया महक आई। देखो सखी बसंत ऋतु आई, फूलों की बगिया महक आई।
मां की सारी बातें लगती सुहानी है मेरे यारों जरा सुन लो ये बचपन की कहानी मां की सारी बातें लगती सुहानी है मेरे यारों जरा सुन लो ये बचपन की कहानी
छोटी - छोटी खुशियाँ पाकर, बन जाते सरताज | चलचित्र से उभर के चमकें, बचपन के दिन आज। छोटी - छोटी खुशियाँ पाकर, बन जाते सरताज | चलचित्र से उभर के चमकें, बचपन के द...
भालू ने खोली दुकान , शहद बेचना उसका काम । भालू ने खोली दुकान , शहद बेचना उसका काम ।