Poonam Garg
Children
घंटी की आवाज को सुनकर विद्यालय दौड़े आए दीपक
घंटी की आवाज को सुनकर कक्षा में जाय अध्यापक
घंटी की आवाज को सुनकर खाना खाने जाएं बालक
छुट्टी की घंटी को सुनकर बालक नाचे ठुमक ठुमक।
जन्मदिन
बच्चे
आजादी
अंतरिक्ष
प्रेम
भाई की महिमा
होली
पालतू बिल्ली
हॉस्टल के दिन
परिवार
स्त्री जीवन कभी अपना न होता, एहसास ये होता मुझको अभी। स्त्री जीवन कभी अपना न होता, एहसास ये होता मुझको अभी।
स्वर व्यंजन अमिट पहचान है, हिंदी हमारी चेतना वाणी का शुभ वरदान है। स्वर व्यंजन अमिट पहचान है, हिंदी हमारी चेतना वाणी का शुभ वरदान है।
इससे शिक्षा लेकर अपना, जन्म सफल कर लेना। इससे शिक्षा लेकर अपना, जन्म सफल कर लेना।
फूलों से ही फल बनेंगें, ये जीवन देने में समर्थ हैं।। फूलों से ही फल बनेंगें, ये जीवन देने में समर्थ हैं।।
स्कूलों की हालत भी अभी ठीक नहीं अंग्रेजी पढ़ाई का आधार बन रही स्कूलों की हालत भी अभी ठीक नहीं अंग्रेजी पढ़ाई का आधार बन रही
साक्षरता का दीप जलायें। अज्ञानता को दूर भगायें।। साक्षरता का दीप जलायें। अज्ञानता को दूर भगायें।।
जाने कितने पशु पक्षी खुद का आचार धर्म समझते हैं जाने कितने पशु पक्षी खुद का आचार धर्म समझते हैं
उस बचपन को पढ़ाना और लिखाना है ! उस बचपन को पढ़ाना और लिखाना है !
यादों का आगर ज्ञान का सागर ममता का आंचल। यादों का आगर ज्ञान का सागर ममता का आंचल।
नैतिक गुणों को दो बढ़ावा और करो बुराई का अंत। नैतिक गुणों को दो बढ़ावा और करो बुराई का अंत।
वक़्त की अपनी पुकार सुनो बात पर, किसी की ध्यान ना दो। वक़्त की अपनी पुकार सुनो बात पर, किसी की ध्यान ना दो।
त्याग, बलिदान उसका भूलकर कटाक्ष भयंकर करता है। त्याग, बलिदान उसका भूलकर कटाक्ष भयंकर करता है।
तभी भविष्य बचा पायेंगे , ऋण भी इसका उतार पायेंगे। तभी भविष्य बचा पायेंगे , ऋण भी इसका उतार पायेंगे।
बुराई से बेरहमी से दूर रहना चाहिए। लोभ बुराई का घर है। बुराई से बेरहमी से दूर रहना चाहिए। लोभ बुराई का घर है।
पर्यावरण से है जीवन किसे अपना दोस्त बनाते हैं। पर्यावरण से है जीवन किसे अपना दोस्त बनाते हैं।
उसकी करनी उसके साथ है, बुरी भावना अपनी नहीं। उसकी करनी उसके साथ है, बुरी भावना अपनी नहीं।
ईमानदार खड़ा रहे देखता मलाई खाता वो जिसके मन में चोर है। ईमानदार खड़ा रहे देखता मलाई खाता वो जिसके मन में चोर है।
सोचता हूँ तुझे बाहर भेजने का तब मुझे डर लगता है बार बार। सोचता हूँ तुझे बाहर भेजने का तब मुझे डर लगता है बार बार।
मैंने धीरे से कहा वहाँ रोज रुपए नहीं मिलेंगे वहाँ तुम्हें तुम जैसे बच्चे मिलेंगे मैंने धीरे से कहा वहाँ रोज रुपए नहीं मिलेंगे वहाँ तुम्हें तुम जैसे बच्चे मिल...
माँ का सेवा करना है माँ के खातिर कुर्बानी देनी है। माँ का सेवा करना है माँ के खातिर कुर्बानी देनी है।