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मोहनजीत कुकरेजा (eMKay)

Abstract

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मोहनजीत कुकरेजा (eMKay)

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घोंसला

घोंसला

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कुछ ख़ुशियाँ

चंद यादें

मेहमानों की

तरह होती हैं

आती हैं और चली जाती हैं...


कुछ ऐसे

पंछी की मानिंद

जो दिल के

सेहन में एक

घोंसला बना, टिक जाती हैं !



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