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Dineshkumar Singh

Abstract

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Dineshkumar Singh

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टिफिन बॉक्स

टिफिन बॉक्स

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उसके खुलते ही गिनता कि

आज कितना खा पाऊँगा।


क्या उठा पाऊंगा

भूख होती थी,

पर संकोच भी रहता था।


कहीं, कोई मज़ाक में ही

ताना न मार दे।

आज क्या बहाना देता,

अपना टिफ़िन ना लाने का ?


एक वक्त का खाना

बचने का मतलब,

एक वक्त की रोटी पक्की।


भूख मिटाना,

जब उधारी पर हो,

तो दोस्तों की ही टिफिन

काम आती हैं।


थोड़ी शर्मिंदगी

कम होती है। 


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