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Rashmi Ranjan

Abstract

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Rashmi Ranjan

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एक यात्रा

एक यात्रा

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एक यात्रा........

चारों ओर

हवा, पानी और सांसों में 

फैली... महामारी......


एक यात्रा...........

टूटती डोर

दवा, जीवन और रिश्तों में 

बिखरी...... क्यारी.......


एक यात्रा............

उगती भोर 

सबा, रौशनी और पृष्ठों में 

सिमटी..... यारी.........


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