Rashmi Ranjan
Abstract
रेगिस्तान में उगते फूल
कैसे भी हों
देते हैं, मन को सुकून
आंखों में चमक
और एक हौसला
पैरों के छाले को
सतत चलते रहने का
कि वो फूल भी होते हैं
नागफनी और बबूल के।
वक्त
सपने
स्त्री हूं......
भटकता इंसान
आगत वर्ष
स्वयं की खोज
फूल
एक यात्रा
आ रहे हो कान्...
पौधे और मैं
पतझड़ में झड़ गए पत्ते सारे सूखी शाख पर लगी है आग। पतझड़ में झड़ गए पत्ते सारे सूखी शाख पर लगी है आग।
है पूजा मैथिली ने और सुमन से सजाया, है हिन्दी के भवन में, दुर्गा तेरा उजाला। है पूजा मैथिली ने और सुमन से सजाया, है हिन्दी के भवन में, दुर्गा तेरा उजाला।
गणपति आज कृपा की बारी। जीवन बहुत लगे अब भारी।। गणपति आज कृपा की बारी। जीवन बहुत लगे अब भारी।।
बस इल्तज़ा है ये मेरी सपनों के बाग में सच्चाई हो, संघर्ष हो, इंसा के ख्वाब में। बस इल्तज़ा है ये मेरी सपनों के बाग में सच्चाई हो, संघर्ष हो, इंसा के ख्वाब में...
जो बाल्यकाल में भ्राता को विष देने का साहस करता, कि लाक्षागृह में धर्म राज जल जाएं जो बाल्यकाल में भ्राता को विष देने का साहस करता, कि लाक्षागृह में धर्म राज जल...
एक फूल का मिट जाना हीं, उपवन का अवसान नहीं। एक फूल का मिट जाना हीं, उपवन का अवसान नहीं।
अपने सतीत्व के लिए अग्नि परीक्षा देती हैं। न जाने कैसी होती हैं ये स्त्रियां ? अपने सतीत्व के लिए अग्नि परीक्षा देती हैं। न जाने कैसी होती हैं ये स्त्र...
अरे मन से पुकारो, फिर देखो, हम तुम्हारे पास हैं, साथ हैं। अरे मन से पुकारो, फिर देखो, हम तुम्हारे पास हैं, साथ हैं।
गीत लिखूंगा मैं गांऊंगा मैं ऊंचे स्वरों में भारत देश की महिमा। गीत लिखूंगा मैं गांऊंगा मैं ऊंचे स्वरों में भारत देश की महिमा।
आज्ञा पाकर शिव शंकर से सती पिता के घर तो आ गई। किंतु पिता के मुख से पति का अपमान सती स आज्ञा पाकर शिव शंकर से सती पिता के घर तो आ गई। किंतु पिता के मुख से पति का अप...
रावण को देखा, फिर शीश झुकाया उसने बड़े प्यार से मुझे उठाया गले लगाया, मेरी पीठ थपथपाया रावण को देखा, फिर शीश झुकाया उसने बड़े प्यार से मुझे उठाया गले लगाया, मेरी ...
जो नष्ट होता है वह भ्रमजाल है वियोग- मायाजाल जब हम अपने भ्रम को स्वीकार कर लेते हैं ... जो नष्ट होता है वह भ्रमजाल है वियोग- मायाजाल जब हम अपने भ्रम को स्वी...
गुलामी की बेड़ियों को हमने कई वर्षों तक सहा है, क्या होती गुलामी लंबे समय तक महसूस किय गुलामी की बेड़ियों को हमने कई वर्षों तक सहा है, क्या होती गुलामी लंबे समय तक ...
समय आज फिर आ गया, करने को मतदान। सोच समझ कर कीजिए, मत बनिए अज्ञान।। समय आज फिर आ गया, करने को मतदान। सोच समझ कर कीजिए, मत बनिए अज्ञान।।
सर पर फैलाई थी रंगीन छतरी, जिसके अनगिनत, छिद्रों में झांक सर पर फैलाई थी रंगीन छतरी, जिसके अनगिनत, छिद्र...
पल-पल रखते उनका ध्यान, एक दूजे पर छिड़के जान।। पल-पल रखते उनका ध्यान, एक दूजे पर छिड़के जान।।
सूरज की किरणों से आज, स्वयं नग्न जल जाऊं मैं सूरज की किरणों से आज, स्वयं नग्न जल जाऊं मैं
ज्येष्ठ श्रेष्ठ जो लोग हैं, कब करते हैं क्रोध। पथ दिग्दर्शन वे करें, सत्य कराते बोध।। ज्येष्ठ श्रेष्ठ जो लोग हैं, कब करते हैं क्रोध। पथ दिग्दर्शन वे करें, सत्य करा...
मन की सारी बात बताना ए दोस्त तू कल फिर आना. मन की सारी बात बताना ए दोस्त तू कल फिर आना.
जीवन बदल दिया । शब्द नाद ने ब्रह्मांड को गुंजित कर दिया । जीवन बदल दिया । शब्द नाद ने ब्रह्मांड को गुंजित कर दिया ।