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Rashmi Ranjan

Abstract

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Rashmi Ranjan

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आगत वर्ष

आगत वर्ष

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जाते इस साल को

बीते हुए कहने में

बाकी अब कुछ दिन हैं

नए साल के पहले दिन

अंग्रेजी कैलेंडर के

आने में बस कुछ दिन हैं


हमारी हिंदी बेबस है

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की 

तिथि आने में 

अभी बहुत वक्त बाकी है

नए परिवर्तन के संग चलना

पुरातन को ना छोड़ना कभी

अपनी सभ्यता की हर शय झांकी है

सापेक्ष हों हर आगत - विगत के

हमने, हर शय की कीमत आंकी है।।


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