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Manoj Kumar

Romance Others

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Manoj Kumar

Romance Others

एक सौदागर आया मेरे प्यार का

एक सौदागर आया मेरे प्यार का

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एक सौदागर आया, मेरे प्यार का सौदा करने

वो खुदगर्ज यार था

बेवफा का बयार था

उसकी रगो में!

मेरे प्यार का रक्त के कण नहीं

जलती आग थी

कैसे बेच दूँ अपने प्यार को

कहीं वो भी चोट खाया था

दहकती हुई समा बुझाया था

जो दौड़कर मेरे पास आकर 

कीमत लगाने ...

मेरे प्यार के!

चले आए मेरे पास

मुझपर करके विश्वास

परन्तु यही तो डर है,

आहुति नहीं देना चाहता हूँ अपने प्यार को

मैं सौदा नहीं करना चाहता हूँ

वो जाए कहीं और खरीदें

मैं बेचने वाला नहीं हूँ

मेरा अकेला प्यार है

कहाँ- कहाँ बेच दूँ!

वो भी दफ़न करके आए अपने प्यार को

क्या मैं भी दफ़न कर दूँ

उसकी तरह..

वो कमजोर थे,

मैं नहीं..!

मैं ऐसे सौदा नहीं करूँगा

भले ही प्यार बिन अधूरा रहूँगा...!!!



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