STORYMIRROR

Manoj Kumar

Action Thriller Others

4  

Manoj Kumar

Action Thriller Others

धूप है जो जिन्दगी में,

धूप है जो जिन्दगी में,

1 min
12

धूप है जो जिन्दगी में हर कदम

न छाँव है कहीं न और हम

पता भी न चला, कहाँ आए हम

जो है ये प्यार दिल में और गम


सफ़र में जो चले तो, मुश्किलें आयेंगी

सुबह है जो कभी, तो शामें आयेंगी

चल सको तो चलो दो कदम, और भी

ये रास्ते जो मिलते हैं कभी - कभी


मुड़ के कभी किसी को, न देखेगा

बढ़ेगा हर क़दम, जो चलेगा

रुकेगा न कभी, जो हौसलों से है परे

पायेगा मंजिलें वही जो हो चले

 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Action