मेरे साथी
मेरे साथी
मैं खाली रस्ता,
देखता हूँ साथी
मिलने तो आओ,
दरस दिखाओ
तेरे बिन सूना है
गली चौबारे
आँखों में आंसूँ है
पलकों पे तारे
जीना तुझी से है
मरना तुझी से है
तेरे बिन अब मेरा,
कौन है प्यारे
सन्नाटा फैला है
ये दिल अकेला है
चारों तरफ बस तेरे,
साए है यारा..
इक बात कहना है
संग तेरे रहना है
प्यासे मिटानी है ये
दिल का सारा...
सुन ले तू मेरी बातें
कैसे कटती है ये रातें
तड़पता दिल, तन्हाई में
जो तू है ना, परछाई में
मेरे साथी मेरे यारा,
तू साथ साथ रहना
तू दिल है मेरा और मैं
तेरा दीवाना...
-मनोज कुमार यकता
