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Deepti Tiwari

Abstract Romance

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Deepti Tiwari

Abstract Romance

एक साथ हो तुम्हारा

एक साथ हो तुम्हारा

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रात अभी सोने को है

हम तुम खोने को है,

जीवन के इस सार से मिलने और खोने को है,

कुछ नया सीखने सिखाने की होड़ में

ज़िंदगी की धूप छांव में,

सीखने के इस दौर में गुजरे कई रास्तों से होकर मगर,

एक सहारा जब से तुम्हारा मिला ,

तूफान हो या बरसात ,

थी कड़ी धूप या ठंडी छांव,

ले हाथों में हाथ चल पड़े हम,

मोहब्बत के रास्ते,

जिंदगी बनी फलसफा सा है,

इसी तरह बस चलते रहें,

साथ यूं ही हमेशा बस तुम और मैं


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