एक मां की व्यथा...!!!!
एक मां की व्यथा...!!!!
बच्चे ने छू लिया कामयाबी को
है ये अद्भुत समां
पर आगे बढ़ने के लिए छोड़ दिया उसने
अपनी उस कामयाबी की चाबी को
वक्त की दहलीज पर
मां के सामने यह कैसी विडंबना है आई
आँसु की एक-एक बूंद उसने अपने बच्चे के लिए छपाई
जैसे ईश्वर की सारी शक्तियां हो उसी में समाई
यह ताकत सिर्फ़ माँ में होती है
सामने कितना भी मुस्कुराए पर पीछे बहुत रोती है
बेटा अपनी कामयाबी में मगरूर हो जाता है
घमंड में कुछ ज्यादा ही चूर हो जाता है
छोड़कर मां को दर्द देता है अपने गुनाहों से
फिर भी बेटे के आने की आस में
वह देखती है दरवाजे को अपनी बूढ़ी निगाहों से
माँ ने ताउम्र रिश्तों को निभाया
मजबूत के रिश्तों की डोर और एकता की ताकत बनाई
वो तो जीवन के हर दर्द में भी मुस्कुराई
मां अनपढ़ हो तो क्यों बच्चों को शर्म आती है बोलते हैं
हमेशा स्कूल में कुछ अच्छा पहन कर आना
अंग्रेजी में ना बोल सको तो चुप रह जाना
बस दोस्तों के सामने मेरी इज्जत ना गिराना
ये सुनकर वो माँ कितना टूटी होगी
खुद को काबिल ना समझ कर वो खुद से ही कितना रूठी होगी
गर लोगों के लिए मां की इज्जत न करो कितनी भी कामयाबी पा लो सब व्यर्थ है
बस माँ ही है जो सच्चा रिश्ता है सच्चा अर्थ है
माँ के प्रेम की व्याख्या कर सकूँ
मेरी कलम में वो ताकत नहीं है
गर मां की गोद में सर रख लूँ मिलती है ऐसी कहीं राहत नहीं है
माँ के जैसी तो कहीं कोई चाहत नहीं है
ढूंढता है ये जहां एक मुकम्मल मोहब्बत
भटकता रहता है दरबदर
जहां मोहब्बत है छोड़ आता है वही घर
बच्चा सफ़ल हो जाए हर माँ की रहती बस एक ये ही अभिलाषा है
माँ त्याग करती है अपना पूरा जीवन
माँ की ये ही परिभाषा है
मां को नहीं चाहिए व्हाट्सएप का स्टेटस
माँ को नहीं चाहिए मातृ दिवस
मां को इनकी जरूरत नहीं है
सिर्फ एक दिन मां के लिए यह कोई सच्ची मोहब्बत नहीं है
माँ के लिए तो बस यही काफी है
जीवन भर माँ के साथ रहो माँ पर हमेशा नाज़ करो माँ की हमेशा कद्र करो
जहां जन्नत मिलती है बस माँ के उन चरणों को स्पर्श करो...!!!!
