एक लड़की
एक लड़की
एक लड़की…
जो सबकी नजरों में बस एक चेहरा है,
पर अपने अंदर वो पूरा एक सवेरा है…
हंसती है सबके सामने,
पर चुपचाप बहुत कुछ सहती है…
कोई समझे या ना समझे,
वो हर हाल में खुद को ही कहती है…
कम उम्र में ही समझ गई,
कि जिंदगी आसान नहीं होती…
हर खुशी के पीछे कहीं,
एक खामोश कहानी छुपी होती…
ज़िम्मेदारियों ने उसे बदल दिया,
ख्वाबों ने उसे संभाल लिया…
और दुनिया ने जो नहीं दिया,
वो उसने खुद से ही पा लिया…
एक लड़की…
जो टूटी भी है, और मजबूत भी है…
जो खामोश भी है, और अंदर से एक आवाज भी है…
