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Priya Silak

Tragedy Inspirational Thriller

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Priya Silak

Tragedy Inspirational Thriller

धोखा

धोखा

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 धोखा वो नहीं जो अजनबी दे जाए,
 धोखा तो वो है
जो अपना बनकर मिले…
 जिस पर सबसे ज्यादा भरोसा हो,
वही एक दिन सबसे ज्यादा बदल जाए
… शब्द तो पहले भी वही थे,
 पर अब मतलब बदल गए हैं…
चेहरे तो वही हैं,
बस चेहरे के पीछे लोग बदल गए हैं…
 दिल ने जिसे अपना माना,
उसी ने दिल तोड़ना सिखा दिया…
और भरोसा जो सबसे खास था,
उसी ने उसे कमज़ोर बना दिया…
 अब डर लगता है किसी पर यकीन करने से,
क्योंकि एक धोखे ने सिखा दिया…
 कि हर मुस्कान के पीछे सच्चाई नहीं होती… 


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