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Dr Jogender Singh(jogi)

Tragedy


4.0  

Dr Jogender Singh(jogi)

Tragedy


एक जोड़ी

एक जोड़ी

1 min 49 1 min 49

फ़्रिक में हर किसी की , चिन्ता में काली पड़ी 

एक जोड़ी आँखे । 

विष पीती खामोशी से 

भीगती एकान्त में ,एक जोड़ी आँखे ।

नेह के जल से भरी पूरी

असीम प्रेम बरसाती दो प्यारी आँखे ।

परदे सी गिरती , उठती पलकों की चौकीदारी में ,

इशारे से सब जतलाती , एक जोड़ी आँखे ।

हर पल साये सा पीछा करती ,

ना जाने क्या सोचती काजल से सजी,

एक जोड़ी आँखे ।



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